कैसा गए तेरे बांहों में? धोखा दे दिया, पर यहां हूँ म ख्वाब है या सच, कैसे जानूं मैं, बता दे न खाली वादे मुझे दे दिए, फिर भी इंतज़ार करती हूँ म प्यार या बीमारी, कैसे जानूं मैं, बता दे न तू मेरी आदत, इबादत, दिल की चाहत गलत है ये उल्फ़त, पर ये है मेरी हसरत पी के ये क्या हो गया, हर घूंट में ता ही नाम प्यासी हूँ तेरे बिना, क्या नशा चढ़ गया? पी के ये क्या हो गया, हर झूठ में माँ ही नाम छोड़ दा चाहिए था, पर नशा चढ़ गय कैसे खो गई तेरी आँखों में? फिर से फंस गई तेरी यादों म जाने दो, मुझे कब छोड़ोगे, बता दे न चुपके से किस से मिलते हो? इस प्यार में अंधी हो गई ह जाने क्यों तुझे माफ़ करती हूँ, बता दे न तू मेरी आदत, इबादत, दिल की चाहत गलत है ये उल्फ़त, पर ये है मेरी हसरत पी के ये क्या हो गया, हर घूंट में ता ही नाम प्यासी हूँ तेरे बिना, क्या नशा चढ़ गया? पी के ये क्या हो गया, हर झूठ में माँ ही नाम छोड़ दा चाहिए था, पर नशा चढ़ गय पी के ये क्या हो गया, हर घूंट में ता ही नाम प्यासी हूँ तेरे बिना, क्या नशा चढ़ गया? पी के ये क्या हो गया, हर झूठ में माँ ही नाम छोड़ दा चाहिए था, पर नशा चढ़ गय