Duniya Alag

Arijit Singh

हो, ओ-ओ-ओ, ओ-ओ
ओ-ओ-ओ-ओ-ओ, ओ-ओ
ओ-ओ-ओ-ओ

तुमसे ही मेरी कहानी
पहचान जैसे पुरानी
हूँ साथ मैं, तुम साथिया
था गलत अपना यूँ मिलना
क्यूँ गलत लगता है दिल ना
हो गलतियाँ चिंगारियाँ

मैं आग, तुम हो दामन
तुम राग हो, मैं सावन
मैं जहाँ रहूँ, हो तेरा वो जहाँ

दुनिया अलग मेरी तुम्हारी
इक हुई राह अब हमारी
एक चाँद तू, मैं रात की दास्ताँ हूँ
किसने चाह को हवा दी
ये आग क्यूँ जला दी
एक चाँद तू, मैं रात की दास्ताँ हूँ

Hm, संग रहते थे जो, ये कहते थे वो
मोहब्बत ना हो जाए हमको कभी
जो हो जाए तो, वही छोड़ दो
वो राहें ना जिनका हो हासिल कहीं
था तुमने छुआ, लगी थी दुआ
हुआ जो असर वो हम पे रहा
जो कल था कभी, वो ही आज है
सफ़र में तो हैं पर मंज़िल नई

वो साथ था घड़ी भर
है ज़िंदगी बड़ी पर
मिलना लिखा था अपना ही यहाँ

दुनिया अलग मेरी तुम्हारी
इक हुई राह अब हमारी
एक चाँद तू, मैं रात की दास्ताँ हूँ
किसने चाह को हवा दी
ये आग क्यूँ जला दी
एक चाँद तू, मैं रात की दास्ताँ हूँ

ओ-ओ-ओ
यूँ ख़ाक से उठाकर
हमें इश्क़ ने बनाया
बदली हवा, नया सब हो गया
यूँ ख़ाक से उठाकर
हमें इश्क़ ने बनाया
बदली हवा, नया सब हो गया

दुनिया अलग मेरी तुम्हारी
इक हुई राह अब हमारी
एक चाँद तू, मैं रात की दास्ताँ हूँ

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