Bilal Ki Awaaz

Bilal Ansari

पारो तुझे बिलाल एक नसीहत करना चाहता ह
ये तुझे डायरेक्ट बोल नहीं सकता इसलिए गाने गाता ह

तुझे कभी मैंने चीट नहीं किय
तेरी आईडी में कभी मैसेज रीड नहीं किय
क्या चलता था चैटिंग में पारो I don't know
फिर भी तूने जानेमान क्यों हिट किय

तुझे मैंने अपने दिल में जगह द
पर जानेमान तूने उसमें आग लगा द
तुझे पाने के लिए पूरी ताकत लगा द
फिर भी तूने जानेमान क्यों दगा द

मानता था तुझे अपना सब कुछ
तुझे देखकर मैं होता बड़ा खुश
तेरे जाने के बाद क्या हालत है मेर
खुदा के वास्ते पारो मत पूछ

मुझसे कोई दिक्कत थी तो मुझे बतात
क्यों खामखां तूने बात बढ़ा द
क्या सोचेंगे लोग अब तेरे बारे म
तूने खुद, खुद की इज़्ज़त घटा द

पारो तूने क्यों मेरी कदर नहीं क
हर बार तूने बस इंसल्ट मेरी क
बिलाल ने बहुत रोका तुझे जाने से बट
मेरी कोई बात तुझे असर नहीं क

यादों को तेरी मैं जला देना चाहता ह
दिल से तुझे मैं भुला देना चाहता ह
कभी किसी और के साथ तू ऐसा नहीं करन
आज मैं तुझे ये सलाह देना चाहता ह

मुझे पता है कि, तू वापस नहीं आएग
पर बिलाल की ये बात, तू हमेशा याद रखन
तेरे लिए बेहतर है, तेरे बहुत काम आएग
कि तू किसी को भी धोखे में ना रखन

बिलाल अंसार

Información de la canción

Composición: Bilal Ansari

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