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    क्या हुआ?
    क्यों हुआ?
    कुछ पता नह

    ज़िंदगी है जुवान
    और कुछ नह

    कल क्या न होग
    जाने कोई भी यह
    फिर भी न जाने क्य
    ये बनते हैं खुद

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    ह्म्म ह

    मैं ही मैं ह
    आसमान तक
    मैं ही मैं ज़मीन ह

    मैं ही राख ह
    मैं ही रोशन
    मैं ही आग भी ह

    कैसा भी हो लौटता ह
    वक़्त की है कहान
    रो रही है मेरी धड़कन
    सुन रही है ज़ुबान

    देखो न आगे क्या ह
    किसको है पता?
    फिर भी न जाने क्य
    ये बनते हैं खुद

    Song details

    Composition: Vishal Mishra

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